नई दिल्ली। फरवरी महीने के दौरान देश के सेवा क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है। सेवा क्षेत्र में यह तेजी बीते साल अक्टूबर महीने के बाद साल के दूसरे महीने में देखने को मिली है।केंद्र सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले के कारण शुरुआती तीन महीनों के दौरान इस सेक्टर से जुड़े व्यवसाओं में व्यवधान देखने को मिला था।एक मासिक सर्वे में यह बात सामने आई है।

लगातार हो रही हा वृद्धि

निक्केई इंडिया सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स, जो कि मासिक आधार पर सेवा क्षेत्र की समीक्षा करता रहता है फरवरी महीने में 50.3 के स्तर पर रहा, जो कि जनवरी महीने में 48.7 पर था। नवंबर महीने में यह तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जो कि जून 2015 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी।

इस रिपोर्ट की लेखक और आईएचएस मार्केट की इकोनॉमिस्ट पालियाना डी लिमा ने बताया, “सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में दिखे उछाल की खबर के अनुसार, सिस्टर पीएमआई सर्वे दिखा रहा है कि कारखाना उत्पादन फरवरी में लगातार दूसरे महीने के दौरान बढ़ता दिख रहा है।”

हालांकि सर्विस सेक्टर के लिए अगले साल की आउटलुक अब भी नरम बनी हुई है। इस सर्वे में भाग लेने वाले लोग 12 महीने दृष्टिकोण के बारे में कम आशावादी दिखे क्योंकि वो बाजार में कंपनियों की प्रतिस्पर्धाओं को लेकर चिंतित थे और उनकी यह मौन भावना पैरोल संख्या के रुप में परिलक्षित हुई क्योंकि सेवा कंपनियों की ओर से कर्मचारियों की छटनी करना जारी है।