लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बड़े फेरबदल की तैयारी में लगे योगी आदित्यनाथ अब अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करेंगे। योगी सरकार प्रदेश में जल्द ही अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करेगी। जिसमें तीन रुपए में नाश्ता तथा पांच रुपए में भोजन मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री देश के अन्य राज्यों की अच्छी तथ जनहित की योजनाओं को उत्तर प्रदेश में भी अमल में लाने की जोरदार तैयारी में हैं। अब तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता 'अम्मा कैंटीन' की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने जा रही है। इस भोजनालय में मात्र 3 रुपये में नाश्ता और 5 रुपये में खाना उपलब्ध कराया जाएगा।

इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में शुरू किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो अन्नपूर्णा भोजनालय का मसौदा तैयार हो गया है और इसका एक प्रेजेंटेशन मुख्य सचिव देख चुके हैं। 12 अप्रैल को खुद सीएम योगी आदित्यनाथ भी इसका प्रेजेंटेशन देखने वाले हैं। इस योजना में सुबह नाश्ता, लंच तथा डिनर को शामिल किया गया है। इसमें नाश्ता में दलिया, इडली-सांभर, पोहा और चाय-पकोड़ा होगा तो लंच तथा डिनर में रोटी, मौसमी सब्जियां, अरहर की दाल और चावल मिलेगा।

इसके तहत गाजियाबाद में 20, लखनऊ में 28, कानपुर में 28 और गोरखपुर में 18 कैंटीन पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर खुलेंगी। कुल 275 कैंटीन खोलने पर 153.59 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अगर कोई नाश्ता, लंच और डिनर इस कैंटीन से करेगा तो उसकी जेब से 13 रुपये खर्च होंगे, जबकि इसकी लागत 48 रुपये आएगी। इस तरह बाकी बचे 35 रुपये सरकार और कैंटीन चलाने वाला मिलकर चुकाएगा।

अन्नपूर्णा भोजनालय यूपी के सभी नगर निगमों में खोले जाएंगे। प्रदेश में अन्नपूर्णा भोजनालय उन जगहों पर खोलने की कोशिश होगी जहां गरीब व मेहनतकश लोगों की तादाद ज्यादा हो। योगी सरकार का ये कदम सरकार का मानवीय चेहरा सामने रखने के लिए काफी है, जो उसे दूसरे राज्यों से अलग करेगा।

मध्य प्रदेश में भी कल दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना की शुरुआत की गई है। दीनदयाल रसोई में सिर्फ 5 रुपए में खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। इस रसोई को खोलने का मकसद शहरों में दूरदराज के गांवों और दूसरे राज्यों से आए मजदूरों के अलावा गरीबों को कम कीमत पर पौष्टिक खाना मिल रहा है।