मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन की चिंगारी बुझने का नाम नहीं ले रही है. मंगलवार को राज्य के होशंगाबाद जिले के सियोनी मालवा गांव में कर्ज में दबे एक किसान ने खुदकुशी कर ली है. किसान का नाम माखनलाल बताया जा रहा है. आपको बता दें कि राज्य में 1 जून से किसान आंदोलन चल रहा है. इस दौरान पुलिसिया कार्रवाई में 5 किसानों की गोलीबारी में मौत हो गई थी, वहीं कुल 6 लोगों की मौत हो चुकी है.

24 घंटे में दूसरा मामला आपको बता दें कि सोमवार को ही रेहटी तहसील में आने वाले ग्राम जाजना के एक किसान ने छह लाख रुपए के कर्ज से तंग आकर जहर खाकर मौत को गले लगा लिया था. जानकारी के अनुसार ग्राम जाजना निवासी दुलचंद (55) पिता गोविन्द कीर ने सोमवार को अपने ही घर में कीटनाशक पी ली. मृतक के पुत्र शेर सिंह ने बताया घर पर कोई नहीं था, उनके पिता के अचेत होने की सूचना पर उन्हें रेहटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

प्रथम दृष्टया किसान की मौत का कारण कीटनाशक पीने से सामने से आया है. मृतक के पुत्र शेर सिंह ने बताया कि उसके पिता पर चार लाख रुपए बैंक और दो लाख रुपए अन्य का कर्ज था. इसके कारण वह काफी दिनों से परेशान थे. कर्ज से परेशान होकर आज उन्होंने मौत को गले लगा लिया. मामले में कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है.

गृह सचिव का हुआ था तबादला मध्य प्रदेश की गृह सचिव मधु खरे का सोमवार को तबादला कर दिया गया था. उन्हें खादी ग्रामोद्योग विभाग में भेजा गया है. मधु खरे की जगह केदार शर्मा लेंगे. मंदसौर फायरिंग के बारे में पहले तो सरकार ने दावा किया था कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी. इसके बाद किसानों का प्रदर्शन और उग्र हो गया. बाद में सरकार ने पुलिस फायरिंग की बात स्वीकार की.

शिवराज ने किया था उपवास गौरतलब है कि राज्य में शांति बहाली के मकसद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बीते शनिवार उपवास पर बैठे थे, उन्होंने लगभग 27 घंटे के बाद अपना उपवास तोड़ा था. शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हिंसा के लिए किसान जिम्मेदार नहीं हैं. शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की साजिश से आंदोलन हिंसक हुआ है.

आजतक से खास बातचीत में शिवराज सिंह ने कहा था कि हिंसा के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं शिवराज सिंह ने कहा कि राज्य में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि मंदसौर में जो घटना हुई, उसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं.

बता दें कि कर्ज माफी समेत समर्थन मूल्यों जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर 6 जून को मंदसौर में पुलिस ने फायरिंग कर दी थी. पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई थी. जिसके बाद किसानों के आंदोलन ने और उग्र रूप ले लिया था. पूरे प्रदेश में किसानों का प्रदर्शन अब भी जारी है.