महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी में कार्यरत 240 संविदा कर्मचारियों के लिए खुशी की खबर है. सालों से भविष्य निधि (PF) की मांग को लेकर संघर्षरत कर्मचारियों के खातों में बकाया राशि जमा करा दी गई है. दरअसल वाराणसी EPFO कार्यालय द्वारा लगातार फटकार के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रशासन ने 240 कर्मचारियों के बकाया भविष्य निधि अंशदान (84,92,681 रुपये) जमा करा दिया है. ये रकम कर्मचारियों के खातों में 1 जनवरी 2015 से दिसंबर 2016 तक बकाये राशि के तौर पर उनके पीएफ खातों में जमा कराई गई है. हालांकि अभी भी इस रकम पर ब्याज की राशि यूनिवर्सिटी प्रशासन पर बकाया है. इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से क्षेत्रीय PF कार्यालय वाराणसी को चिट्ठी लिखकर दी गई है. ये चिट्ठी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलसचिव ओम प्रकाश ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त उपेंद्र प्रताप सिंह के नाम लिखी है. गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त महीने में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ ) के वाराणसी ऑफिस ने संविदा कर्मचारियों की शिकायत पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था. और तभी से बकाया राशि जमा कराने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा था.