डेस्कटॉप कंप्यूटरों (पर्सनल कंप्यूटर) की बिक्री में 15% की कमी, भारत में HP ने बेचे सबसे ज़्यादा कंप्यूटर

शोध कंपनी आईडीसी के मुताबिक ग्राहक मांग कमजोर रहने के चलते वर्ष 2016 में डेस्कटॉप कंप्यूटरों (पर्सनल कंप्यूटर) की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 15.2 प्रतिशत कम रही। वर्ष 2016 में कुल 85.8 लाख कंप्यूटरों की बिक्री हुई। आईडीसी ने कहा कि 2016 की पहली छमाही में कंप्यूटरों का स्टॉक काफी ज्यादा था जबकि ग्राहक मांग कमजोर रही। हालांकि, इसके बाद जून से त्यौहारी मांग निकलने पर बिक्री में सुधार देखा गया। वर्ष 2016 में उपभोक्ता पीसी का बाजार 42.20 लाख इकाई रहा। इसमें पिछले साल के मुकाबले 12.9 प्रतिशत गिरावट रही। वाणिज्यिक पीसी की मांग 43.5 लाख रही। पिछले साल के मुकाबले इसमें 17.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आईडीसी इंडिया के एसोसियेट रिसर्च मैनेजर मनीष यादव ने कहा, ऊंची मुद्रास्फीति, वित्तीय सुदृढ़ीकरण के चलते 2016 की पहली छमाही में ग्राहक धारणा कमजोर बनी रही। लेकिन उसके बाद मुद्रास्फीति में नरमी और वेतन आयोग का लाभ, उपभोक्ता जिंसों के लगातार कम दाम और केन्द्रीय बजट में घोषित उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों में पीसी की मांग के लिये बेहतर अवसर पैदा हुये। एचपी की वर्ष के दौरान पीसी बिक्री में 28.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रही जबकि इसके बाद डेल की 23.3 प्रतिशत और लेनोवो की 17.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

केंद्र सरकार करेगी आपके कंप्यूटर-मोबाइल की सुरक्षा, डाउनलोड करना होगा मुफ्त एंटी-वायरस

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार (21 फरवरी) को एक मालवेयर-रोधी विश्लेषण केंद्र शुरू किया जो देश में कंप्यूटरों और मोबाइल फोनों को एंटी-वायरस की सुविधा देगा। इस परियोजना पर अगले पांच साल में 90 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ‘बॉटनेट एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर’ को शुरू करते हुए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘मैं इंटरनेट सेवाप्रदाताओं से आग्रह करना चाहूंगा कि वह अपने ग्राहकों को इस सुविधा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। यह एक मुफ्त सेवा है। ग्राहक आएं और इस सेवा का उपयोग करें।’

‘साइबर स्वच्छता केंद्र’ के नाम से शुरू की गई इस सेवा के तहत देश में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाली संस्था कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्टइन) प्रभावित कंप्यूटर और मोबाइलों का डाटा एकत्र करेगी और उन्हें इंटरनेट सेवाप्रदाताओं और बैंकों के पास भेजेगी। यह इंटरनेट सेवाप्रदाता और बैंक उपयोगकर्ता की पहचान करेंगे और उन्हें इस केंद्र का एक लिंक मुहैया कराएंगे जिसकी मदद से वह इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इस लिंक के माध्यम से उपयोग कर्ता एंटी-वायरस को अपने प्रभावित उपकरण को सही करने के लिए डाउनलोड कर सकेगा।

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