'दो पत्तों' का झगड़ा और चार ट्रक में लदा एफिडेविट

एआईएडीएमके में चुनाव चिह्न को लेकर दोनों धड़ों के बीच सुलह न होने पर तमिलनाडु के कानून मंत्री सीवी शानमुघम सोमवार को एफिडेविट के चार ट्रक लेकर चुनाव आयोग के आॅफिस पहुंच गए. इन एफिडेविट के जरिए उन्होंने दो पत्तों के चुनाव चिह्न पर दावा किया है. बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी और पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम के बीच चुनाव चिह्न पाने का झगड़ा चल रहा है. इन चार ट्रकों में पार्टी केडर के साइन किए हुए 3,10,000 एफिडेविट हैं जिनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी का समर्थन किया गया है. शानमुघम ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया, 'चुनाव आयोग ने हमें ये दस्तावेज सौंपने के लिए कहा था. 123 एमएलए पलानीसामी के समर्थन में हैं.'
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शानमुघम के चुनाव आयोग जाने से एक दिन पहले ओ पनीरसेल्वम ने दोनों धड़ों के बीच विलय पर बातचीत के लिए बनी सात सदस्यीय समिति को भंग कर दिया था. इसे लेकर पनीरसेल्वम ने कहा था, 'विलय असफल होने पर हमने समिति भंग कर दी. हम दूसरे धड़े के रचे गए नाटक का हिस्सा नहीं बनना चाहते. हमारे पास पार्टी केडर का समर्थन है. हमें दो पत्तों वाला चिह्न जरूर मिलेगा.'
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वहीं रविवार को पनीरसेल्वम ने आरोप लगाया कि फरवरी में पलानीसामी के विश्वासमत जीतने से पहले पलानीसामी कैंप ने रिजॉर्ट में विधायकों को सोना, हीरा और नगदी तोहफे में दिए गए थे. तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद फरवरी में पनीरसेल्वम जयललिता की करीबी शशिकला के विरोध में उतर आए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए उन पर दबाव बनाया गया. बाद में उन्होंने कुछ सांसदों और विधायकों के साथ अपना अलग धड़ा बना लिया था.

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