कार्डिफ: इंग्‍लैंड के खिलाफ इस एकतरफा जीत की उम्‍मीद तो शायद पाकिस्‍तानी क्रिकेट टीम के धुर प्रशंसकों ने भी नहीं की होगी... आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में हर क्रिकेट समीक्षक इंग्‍लैंड को जीत का प्रबल दावेदार मान रहा था. पाकिस्‍तान टीम को इसके मुकाबले बेहद कमजोर माना जा रहा था, लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. महत्‍वपूर्ण मैच में अपने प्रदर्शन के स्‍तर को टॉप गियर में लाते हुए पाकिस्‍तान में आज इंग्‍लैंड को चारों खाने चित कर दिया. मैच के पहले जब पाकिस्‍तान टीम को प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्‍मद आमिर चोट के कारण बाहर करना पड़ा तो लगा कि इंग्‍लैंड की जीत के लिए ज्‍यादा संघर्ष नहीं करना पड़ेगा. लेकिन चमत्‍कारी प्रदर्शन करना ही तो पाकिस्‍तानी के क्रिकेट का चरित्र है. गेंदबाजी और बल्‍लेबाजी, दोनों ही क्षेत्रों में आज उसने शानदार प्रदर्शन किया और इंग्‍लैंड पर आठ विकेट की बेहतरीन जीत हासिल कर ली. इस जीत के साथ पाकिस्‍तान टीम ने चमत्‍कार करते हुए प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बना ली है. भारत के खिलाफ अपने प्रारंभिक मैच में करारी हार के बाद किसी ने कल्‍पना नहीं की थी कि पाकिस्‍तान खिताबी मुकाबले तक पहुंच जाएगा. पाकिस्‍तान की आज की जीत में ये खिलाड़ी हीरो साबित हुए.. हर मैच में विकेट ले रहे हसन अली मोहम्‍मद आमिर जैसे प्रतिभावान गेंदबाज की मौजूदगी के बावजूद यदि कोई खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से लोगों का ध्‍यान आकर्षित करे तो उसमें निश्चित ही कोई खास बात होगी. पूरे टूर्नामेंट में हसन अली ने जबर्दस्‍त प्रदर्शन किया. पाक टीम को जब भी विकेट की जरूरत पड़ी हसन अली हाजिर रहे. पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के इस 23 साल के खिलाड़ी ने अपनी गति और सटीकता से हर किसी को हैरान किया है. मैच में उन्‍होंने जॉनी बेयरस्‍टॉ, इयोन मोर्गन और बेन स्‍टोक्‍स जैसे बल्‍लेबाजों को आउट किया. टूर्नामेंट में अब तक हसन 17 रन प्रति विकेट के आसपास के औसत से 10 विकेट अपने नाम कर चुके हैं.हसन आज मैच ऑफ द मैच रहे. बल्‍लेबाजी करते हुए जोखिम लेने से नहीं डरते फखर भारत के खिलाफ मैच में अजहर अली के साथ पाकिस्‍तानी पारी की शुरुआत अहमद शहजाद ने की थी, लेकिन शहजाद नहीं चले. पहले मैच में मिली हार के बाद पाकिस्‍तान टीम प्रबंधन ने शहजाद को बाहर रखकर युवा फखर जमां को आजमाने का जो जुआ खेला, वह कारगर रहा. फखर जमां आक्रामक शैली के बल्‍लेबाज हैं और गेंदबाजों को हावी होने का मौका नहीं देते. 27 साल के इस खब्‍बू ओपनर ने टूर्नामेंट के तीनों मैचों में अच्‍छी बल्‍लेबाजी की है. सेमीफाइनल में उन्‍होंने 58 गेंदों पर 57 रन (सात चौके, एक छक्‍का) की पारी खेली और अजहर अली के साथ मिलकर टीम को देर तक प्रारंभिक सफलता से दूर रखा. तीन मैचों में अब तक 138 रन बना चुके हैं. रुम्‍मन रईस ने पहले ही वनडे मैच में छोड़ी छाप इस बाएं हाथ के गेंदबाज को चोटिल वहाब रियाज के स्‍थान पर टीम में शामिल किया गया था. इंग्‍लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में इसने डेब्‍यू किया और पहले ही मैच को अपने लिए यादगार बना लिया. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने गेंदबाजी करते हुए गजब की परिपक्‍वता दिखाई. हसन अली के ये अच्‍छे जोड़ीदार साबित हुए. मैच को एलेक्‍स हेल्‍स को आउट करके पाकिस्‍तान को प्रारंभिक सफलता रईस ने ही दिलाई. अपने पहले ही मैच में उन्‍होंने 44 रन देकर दो विकेट लिए. विकेट पर लंगर डालकर खेले अजहर अली ओपनर अजहर अली टीम के वरिष्‍ठ खिलाड़‍ियों में से हैं. आम तौर पर उन्‍हें शॉर्टर फॉर्मेट का खिलाड़ी नहीं माना जाता. उनकी छवि विकेट पर टिककर खेलने वाले बल्‍लेबाज की है. पाकिस्‍तान टीम को आज ऐसी ही जरूरत थी और अजहर ने अपनी भूमिका बखूबी अदा की. 212 रन का मामूली लक्ष्‍य मिलने के बाद इस बात की सख्‍त जरूरत थी कि पाकिस्‍तान को अच्‍छी शुरुआत मिले. फखर-अजहर की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 118 रन की साझेदारी करके यही किया. अजहर ने 100 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्‍कों की मदद से 76 रन बनाए. इन चार खिलाड़ि‍यों के अलावा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जुनैद खान के योगदान को भी कम करके नहीं आंका जा सकता. जुनैद ने जोस बटलर और मोईन अली को आउट किया.