किसान आग न लगाएं, चर्चा के लिए आएं: शिवराज

"किसान आंदोलन के बीच अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को समस्याओं पर चर्चा के लिए खुला न्योता दिया। शिवराज ने कहा, "किसान आग न लगाएं, चर्चा के लिए आएं।"
रविवार को सीएम शिवराज ने कहा कि मारे गए किसानों के परिजन उनसे मिले और उपवास तोड़ने को कहा। उन्होनें कहा, "जब-जब प्रदेश में किसानों पर संकट आया, मैं सीएम आवास से निकलकर उनके बीच पहुंच गया। हम नया आयोग बनाएंगे जो फसलों की सही लागत तय करेगा। उस लागत के हिसाब से हम किसानों को सही कीमत दिलाएंगे। किसान ख्वाबों में भी थे और हकीकत में भी सीएम शिवराज ने कहा, "सोते वक्त भी किसानों के बारे में ही सोचता रहा।
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किसान ख्वाबों में भी थे और हकीकत में भी। मैंने हमेशा किसानों की परेशानियां दूर करने की कोशिश की है। वे हमारे लोग हैं। उनकी समस्याएं भी हमारी हैं। मैं हमेशा यही सोचता हूं कि कैसे उत्पादकता बढ़ाई जाए।" मुझसे उपवास तोड़ने के लिए कहा... "कल प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिजन मुझसे मिले। मुझसे उपवास तोड़ने के लिए कहा। मैं भावुक हो गया। प्रदर्शन में हमारे बच्चे गए हैं।" मृतक किसान के पिता ने कहा.. मुख्यमंत्री से मिलने आए एक मृतक के पिता ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री से उपवास तोड़ने की अपील की है। ये भी कहा है कि वे हमारे बारे में सोचें और दोषियों को सजा दें।"
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आंदोलन तब जायज है जब सरकार ना सुने शिवराज ने कहा, "आंदोलन तब जायज है जब सरकार ना सुने। जब मुख्यमंत्री कह रहा है कि आइए चर्चा करेंगे। चर्चा करके समाधान निकालेंगे। तो किसान चर्चा के लिए आएं।" वायरल वीडियो पर बोले सीएम ने कहा "मेरी एक वीडियो क्लिपिंग चलाई गई। उससे किसानों को भड़काया गया कि मैं एक धेला नहीं दूंगा। मैंने किसानों के लिए ऐसा कभी नहीं कहा। मैंने ग्रामोदय अभियान के दौरान जो कहा था, उसे किसानों से जोड़ दिया गया। तब मैंने कर्मचारियों से कहा था- हड़ताल करने से क्या होगा, एक धेला नहीं दूंगा। जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना मंदसौर जिले में हुई, उससे मैं अंदर तक हिल गया।"

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