लखनऊ.

पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति केस की जांच कर रही आलमबाग की महिला अफसर अमिता सिंह को योगी सरकार ने पद से हटा दिया है। मीनाक्षी गुप्ता को अमिता की जगह नए सर्किल ऑफिसर के तौर पर अप्वांइट किया गया है। बता दें, लंबे समय तक फरार रहने के बाद 15 मार्च को गायत्री को यूपी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ 18 फरवरी को गौतमपल्ली थाने में रेप का केस दर्ज किया गया था। - गायत्री प्रजापति समेत 7 लोगों के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में रेप, गैंगरेप और नाबालिग के साथ रेप की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था। - मामले की इन्वेस्टिगेट‍िव ऑफिसर आलमबाग अमिता सिंह द्वारा पीड़िता का 164 सीआरपीसी के तहत कोर्ट में बयान दर्ज हो चुका है। पीड़िता की बेटी के बयान के लिए इन्वेस्टिगेट‍िव ऑफिसर की टीम दिल्ली गई थी, जहां उसका बयान दर्ज किया गया था। - पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि गायत्री के एक करीबी ने उसकी मुलाकात करीब 3 साल पहले गायत्री से कराई थी। महिला का आरोप था कि मंत्री ने उसकी चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ रेप किया था। - महिला ने बताया था कि गायत्री ने कुछ आपत्तिजनक फोटो भी ली थी। साथ ही प्रजापति ने उसे कई बार ब्लैकमेल भी किया था।

 बीपीएल कार्ड से की थी करियर की शुरुआत, आज है 942 करोड़ की संपत्त‍ि

- सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर के मुताबिक, यूपी सरकार में गायत्री प्रजापति के करियर का ग्राफ दस साल में फर्श से अर्श तक पहुंच गया। साल 2002 में वो बीपीएल कार्ड धारक हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी संपत्त‍ि 942 करोड़ पहुंच गई है। - खबरों के मुताबिक करीब 13 कंपनियों उनके अंडर चलती हैं। 2017 के चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 10 करोड़ है, जबकि पिछली बार 1.83 करोड़ की घोषणा की थी।