केरल में एक स्वयंभू स्वामी के गुप्तांग काटने के मामले में कई बदलाव आने से अब यह मामला अधिक पेचीदा होता जा रहा है, इसलिए पुलिस ने पीडि़त युवती के लाई डिटेक्टर परीक्षण समेत वैज्ञानिक जांच को लेकर अनुमति मांगने के लिए अदालत का रुख किया है। युवती (कानून की छात्रा) के पहले के अपने बयान से पलट जाने के कारण पुलिस ने उसका पॉलीग्राफ एवं ब्रेन मैपिंग परीक्षण कराने के लिए अदालत का रुख किया। युवती ने इससे पहले अपने बयान में यह कबूला था कि स्वयंभू स्वामी ने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार की कोशिश की थी, जिसे रोकने के लिये उसने उसका (स्वामी) गुप्तांग काट दिया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन परीक्षण की अनुमति के लिए कल उन्होंने विशेष अदालत में एक याचिका दायर की थी। अदालत फिलहाल स्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है। नगर पुलिस आयुक्त जी स्पर्जन कुमार ने बताया कि चूंकि युवती अपने बयान से पलट गई है और इससे जांच पर असर पड़ेगा इसलिए हमें वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी होगी ताकि सच सामने आ सके। युवती द्वारा बचाव पक्ष के वकील को लिखा एक पत्र पिछले सप्ताह सामने आया था, जिसमें उसने पुलिस पर 53 वर्षीय स्वामी के खिलाफ अपराध कबूल करवाने के लिए उस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। स्वामी ने कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया था। 23 वर्षीय युवती ने अब पूरी घटना में सीबीआई जांच की मांग को लेकर अदालत का रख किया है और कहा है कि स्थानीय पुलिस में उसका कोई भरोसा नहीं है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि युवती ने इससे पहले मजिस्ट्रेट को बयान दिया था और अब वह रोज रोज अपने बयान से पलट रही है। उन्होंने कहा कि इससे मामला सिर्फ कमजोर होगा। दोनों ही मामले कल अदालत में पेश किए जाएंगे।