इराक़ी सेना ने IS आतंकियों को खदेड़ा : पूर्वी मोसुल हुआ आज़ाद

मोसुल : पूर्वी मोसुल इस्लामिक स्टेट (आइएस) के चंगुल से मुक्त हो गया है। इराकी सेना ने आतंकियों को खदेड़ते हुए तिगरिस नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित सभी जिलों पर नियंत्रण पा लिया है। आतंकरोधी सेवा के लेफ्टिनेंट जनरल तालिब शाघाती ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्वी मोसुल की आजादी का जश्न मनाया जा रहा है। तस्वीरों में नागरिक घरों से बाहर निकल खुशी मनाते दिख रहे हैं।

मोसुल इराक का दूसरा सबसे बड़ा और आइएस के नियंत्रण वाला सबसे बड़ा शहरी इलाका है। तिगरिस नदी इस शहर को दो हिस्सों में बांटती है। गठबंधन सेना नदी पर बने सभी पुल पहले ही ध्वस्त कर चुकी है। ऐसे में आतंकियों को बाहर से मदद मिलना मुमकिन नहीं है। लेफ्टिनेंट शाघाती ने बताया कि पूर्वी मोसुल पर नियंत्रण होने से शेष हिस्सों से आतंकियों को खदेड़ने का काम आसान हो गया है। इससे पहले मंगलवार को इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल आब्दी ने कहा था कि आइएस लगातार कमजोर होता जा रहा है और सेना ने पश्चिमी मोसुल की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक हाल में पश्चिमी मोसुल में हवाई हमले बढ़े हैं। यारमुक जिले में ही आयुध भंडार और प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाकर दर्जनों मिसाइल दागे गए हैं।

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अब तक का घटनाक्रम

-जून 2014 में आइएस ने मोसुल पर कब्जा कर इसे स्वयंभू खिलाफत की राजधानी घोषित किया।

-17 अक्टूबर 2016 को आतंकियों को खदेड़ने का अभियान शुरू किया गया। अमेरिकी कार्रवाई के बाद इराक में यह सबसे बड़ा सैन्य अभियान है।

-अभियान में करीब 30 हजार जवान शामिल हैं। कुर्द, शिया और कबायली लड़ाके भी इनके साथ हैं। अमेरिकी नेतृत्व वाला गठबंधन हवाई हमलों से मदद कर रहा है।

-एक नवंबर को सेना पूर्वी हिस्से से शहर में दाखिल होने में कामयाब हुई। हालांकि इसके बाद उसके आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ गई। आतंकियों के फिदायीन और कार बम हमलों के कारण उसे पीछे हटना पड़ा।

-29 दिसंबर को नए सिरे से अभियान शुरू किया गया। आतंकियों के खिलाफ कई मोर्चे खोले गए। इसके बाद सेना के आगे बढ़ने का शुरू हुआ सिलसिला तिगरिस नदी के किनारे पर जाकर खत्म हुआ है।

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आगे की रणनीति

-पश्चिमी मोसुल पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह इलाका पूर्वी हिस्से के मुकाबले ज्यादा सघन आबादी वाला है ऐसे में सेना के सामने नई चुनौतियां पैदा हो सकती है। ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए अगवा किए गए नागरिक भी इसी इलाके में बंधक बनाकर रखे गए हैं। अभियान शुरू होने से पहले शहर में करीब छह हजार आतंकियों के होने का अनुमान लगाया गया था।

-आइएस के कब्जे के वक्त मोसुल की आबादी करीब 15 लाख थी। अभियान शुरू होने के वक्त शहर में दस लाख लोगों के होने का अनुमान लगाया गया था। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सैन्य कार्रवाई के बाद एक लाख से ज्यादा लोग घर छोड़कर भागे हैं। इनमें से ज्यादातर पूर्वी मोसुल और उसके आसपास के इलाकों के हैं। सेना के आगे बढ़ने के साथ ही लोगों के घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था। अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है।

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