पेइचिंग चीन कई सालों से निर्वासित उइगर 'अलगाववादियों' पर पश्चिमी जिनजियांग क्षेत्र में सिलसिलेवार हिंसक हमले का आरोप लगाता रहा है। जिनजियांग प्रांत उइगर समुदाय का होमलैंड है। चीन यह आशंका भी जताता रहा है कि उइगर उग्रवादियों के तार वैश्विक जेहादी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। विडियो में उइगर लड़ाकों ने एक कथित जासूस को मारने से ठीक पहले चीन को धमकी देते नजर आ रहे हैं।   विशेषज्ञों का मानना है कि यह IS की ऐसी पहली धमकी है जिसमें टारगेट पर चीन है। सोमवार को पश्चिमी इराक में IS ने एक आधे घंटे का विडियो जारी किया है जिसमें चीन के अल्पसंख्यक उइगर समुदाय के आतंकियों को दिखाया गया है। अमेरिका स्थित SITE इंटेलिजेंस ग्रुप ने इस विडियो का विश्लेषण किया है।

खून की नदियां बहा देंगे

SITE के अनुवाद के मुताबिक उइगर लड़ाके धमकी देते हैं, 'ओ चीनियों तुम्हें लोगों का कहा समझ में नहीं आता! हम खलीफा के लड़ाके हैं और हम तुम्हारे पास आएंगे और तुम्हें अपने हथियारों की भाषा से समझाएंगे। हम खून की नदियां बहा देंगे और जिन पर अत्याचार हुए हैं उनका बदला लेंगे।' उइगर मुस्लिम समुदाय आरोप लगाता रहा है कि चीन उनके साथ भेदभाव करता है, उनका सांस्कृतिक और धार्मिक तौर पर दमन करता है। ऑस्ट्रेलियन नैशनल यूनिवर्सिटी के नैशनल सिक्यॉरिटी कॉलेज में जिनजियांग मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर माइकल क्लार्क ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि ऐसा लगता है कि IS ने 'पहली बार सीधे-सीधे चीन को धमकी' दी है। उन्होंने आगे कहा, 'पहली बार उइगर-भाषी उग्रवादियों ने IS के प्रति निष्ठा जाहिर की है।' चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने बुधवार को कहा कि उन्होंने विडियो नहीं देखा है लेकिन उन्होंने जिनजियांग के आतंकियों की ओर इशारा करते हुए माना कि ईस्ट तुर्किस्तान आतंकी ताकतें चीन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे के रूप में उभरी हैं। उन्होंने इस तरह की आतंकी ताकतों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया है।