नई दिल्‍ली :

भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की आंखों के इशारे को पत्‍नी साक्षी हीं नहीं बल्कि और भी कोई अच्‍छी तरह समझने लगा है. टीम में धोनी को पहले से ही समझदार क्रिकेटरों के खेल को निखारने और उन्‍हें मैच विजेता में बदलने के लिए जाना जाता है. कप्‍तानी के दौरान भी धोनी रविंद्र जडेजा पर यह सफल प्रयोग कर चुके हैं.

जीत में अहम भूमिका अब केदार जाधव को मैच विजेता के रूप में ढालने में धोनी कप्‍तान कोहली की मदद कर रहे हैं. जाधव ने गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में तमीम इकबाल और मुशफिकुर रहीम जैसे जमे हुए बल्लेबाजों को पेवेलियन भेजकर टीम इंडिया की नौ विकेट से शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई थी.

मैं धोनी से सीखने की कोशिश करता हूं जाधव ने कहा जब से मैं भारतीय टीम का हिस्‍सा बना हूं तब से मैं एमएस धोनी के साथ काफी समय बिता रहा हूं. साथ ही मैं उनसे काफी कुछ सीखने की कोशिश करता हूं. उन्होंने धोनी की तारीफ में यह भी कहा कि मेरा उनके साथ जुड़ाव है और मैं उनकी आंखों में पढ़कर वह करने की कोशिश करता हूं, जो वह चाहते हैं. जैसा वह चाहते हैं मैं वैसी ही गेंदबाजी करता हूं. कोहली की रणनीति में धोनी की अहम भूमिका जाधव के इस खुलासे से यह साफ होता है कि कोहली के लिए रणनीति को निखारने में पूर्व कप्तान धोनी की अहम भूमिका है. कोहली ने भी यह माना था कि जब बांग्लादेश के बल्लेबाज अन्य स्पिनरों को आराम से खेल रहे थे तो धोनी ने जाधव से गेंदबाजी कराने का सुझाव दिया था.

केदार एक चतुर क्रिकेटर कोहली ने कहा केदार नेट पर काफी गेंदबाजी नहीं करता लेकिन वह चतुर क्रिकेटर है. उसे पता है कि कहां बल्लेबाज को परेशानी होगी और गेंदबाजी करते हुए अगर आप बल्लेबाज की तरह सोच पाते हो तो बेशक इससे कोई भी गेंदबाज फायदे की स्थिति में होता है.

मुझे चिंता नहीं : जाधव जाधव ने कहा मेरी गेंदबाजी इस पर निर्भर करती है कि बल्लेबाज क्या करने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा जब तक टीम जीत दर्ज कर रही है तब तक मुझे चिंता नहीं है कि मुझे पांच, 10 या 15 मैचों तक बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला. मेरी टीम मुझसे जो भी चाहती है मुझे उसके लिए वह करने में सक्षम होना चाहिए.