मुंबई। एक साल बाद टीम में वापसी करने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट का मानना है कि श्रीलंका के खिलाफ टी20 श्रृंखला में उम्दा प्रदर्शन उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित होगा. सौराष्ट्र के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में 15 रन देकर दो विकेट लिए जिससे भारत ने रविवार को यह मैच पांच विकेट से जीता.जयदेव उनादकट को उम्मीद, श्रीलंका के खिलाफ सीरीज साबित होगी करियर का निर्णायक मोड़ उनादकट ने कटक में सात रन देकर एक और इंदौर में 22 रन देकर एक विकेट लिया. उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चाहिए. अतीत में भी जब भी मैने घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेला तो मुझे मेरे मौके मिले. यहां अच्छा खेलकर मेरा खुद पर भरोसा बढ़ा है.  उनादकट ने कहा कि यह श्रृंखला मेरे करियर का निर्णायक मोड़ रही. मुझे इस समय इसकी जरूरत थी और इस लय को आगे भी कायम रखना चाहूंगा. उनादकट ने 2010 में दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. फिर 2013 में सात वनडे खेले और जून 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया. आशीष नेहरा के संन्यास लेने के बाद उनकी वापसी की उम्मीदें प्रबल हुई. उन्होंने कहा कि यह प्रबंधन को देखना है लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के होने से टीम के आक्रमण में विविधता बढ़ती है. मैं इस लय को आगे भी कायम रखना चाहूंगा.