अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बुधवार सुबह पूरे देश में योग किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. मोदी सरकार के 74 मंत्रियों ने देश के 74 शहरों में जाकर योग किया. जिसमें राजधानी दिल्ली की तस्वीर सबसे खास थी. दिल्ली के कनॉट प्लेस में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान यहां केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू भी मौजूद रहे. एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद भी कनॉट प्लेस में ही मौजूद रहे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कनॉट प्लेस में ही योग किया. इस दौरान वैंकेया नायडू और अरविंद केजरीवाल के बीच गर्मजोशी से मुलाकात हुई. केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और केजरीवाल भी कार्यक्रम शुरू होने से पहले एक दूसरे से मिलते नजर आए. राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर ये तस्वीरें बेहद खास मानी जा रही हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने के लिए जो तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी, उसमें वैंकेया नायडू भी शामिल थे. तीनों नेता विपक्षी दलों को राष्ट्रपति के नाम पर समर्थन की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर हुई विपक्ष की बैठक में आम आदमी पार्टी को आमंत्रित नहीं किया गया था. जिसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने कहा था कि चुनाव में उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता. हालांकि, अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने अभी तक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपने पत्ते नहीं खोल हैं. ऐसे में योग के मैदान की इस तस्वीर को केजरीवाल को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. योग के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि हम सबको योग करना चाहिए. वहीं, वैंकेया नायडू राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े सवालों से बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि आज राजनीति का दिन नहीं है, सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को योग में शामिल होना चाहिए. इससे पहले मंगलवार रात लखनऊ में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव योगी आदित्यनाथ की डिनर पार्टी में शामिल हुए. मुलायम सिंह ने पीएम मोदी की टेबल पर डिनर किया. बता दें कि कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल राष्ट्रपति उम्मीदवार पर चर्चा के लिए 22 जून को मीटिंग करेंगे. इस बैठक में कई विपक्षी दल शामिल होंगे. बीजेपी ने विपक्ष से रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की अपील की है. वहीं कोविंद ने खुद सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव रामनाथ कोविंद के नाम पर इशारों ही इशारों में सहमति जाहिर कर चुके हैं. ऐसे में विपक्ष अगर कोविंद के नाम पर सहमत न होकर किसी और उम्मीदवार का ऐलान करता है तो उस स्थिति में आम आदमी पार्टी और दूसरे छोटे दलों का समर्थन बीजेपी उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद जिताने में अहम योगदान निभा सकता है.