कोविंद की उम्मीदवारी पर ममता चुप, कहा-22 की बैठक के बाद खोलेंगे पत्ते

भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने उम्मीदवार ऐलान कर दिया है. बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. एनडीए ने बिहार के मौजूदा राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का दावेदार माना है. उन्हें बिहार विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले ही बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. विपक्षी दल ने अपने तरफ से अभी तक कोई उम्मीदवार के नाम को सामने नहीं रखा है. बात बीजेपी के इस उम्मीदवार को लेकर विपक्ष में चल रहे चर्चाओं की करें, तो अभी तक रामनाथ कोविंद के समर्थन में कोई खुलकर सामने नहीं आया है. ममता बनर्जी की बात करें तो उन्हों ने ट्वीट के जरिए अपना मत रखा है.
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ममता का कहना था- किसी आदमी को समर्थन करने के लिए हमें उससे जानना जरूरी होता है. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने ममता के हवाले से लिखा- उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए जिससे की सारा देश लाभान्वित हो सके. विपक्षी दल 22 जून को बैठक करने वाली है. ममता का कहना है- उस बैठक के बाद ही वे उम्मीदवार पर अपना रूख स्पष्ट करेंगी. वे कहती हैं- 'मैं अभी इस स्थिति में नहीं हूं कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति के लिए अयोग्य बता दूं. मैंने 2-3 विपक्षी नेताओं से भी बात की थी. वे सभी रामनाथ कोविंद के नाम को लेकर हैरत में हैं.'
 दलित नेता होने के कारण विपक्षी दल असमंजस में हैं. ममता कहती हैं- भारत में और भी बड़े दलित नेता हैं. वह बीजेपी के दलित मोर्चा के नेता थे. यही कारण है कि बीजेपी ने उनको उम्मीदवार बनाया है.
ममता ने पद के अहमीयता पर गैर करने को कहा. ट्वीट में लिखा गया- राष्ट्रपति का पद बहुत अहम है. प्रणब दा या सुषमा स्वराज या आजवाणी के स्तर का किसी नेता को उम्मीदवार बनाया जाता.
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