शाहजहांपुर

यूपी सरकार ने डीएम को नगरपालिका के गायब प्रॉपर्टी रजिस्टर से जुड़ी जांच पूरी करने के आदेश जारी किए हैं। 700 करोड़ की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज गायब हैं। सूत्रों का आरोप है कि एक समाजवादी पार्टी के नेता को बचाने के लिए मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। प्रशासन ने एक जांच टीम तैयार की है जो 15 दिनों के भीतर एडीएम जेके शर्मा को रिपोर्ट सौंपेगी। एक साल के दौरान इस मामले में दूसरी बार जांच बिठाई गई है। अप्रैल 2016 में पूर्व डीएम विजय किरण आनंद ने जांच शुरू करते हुए शाहजहांपुर नगरपालिका के एग्जेक्युटिव ऑफिसर को मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था। हालांकि, डीएम का पदभार संभालने के 48 घंटों के भीतर आनंद का तबादला कर दिया गया था। उसके कुछ दिनों के भीतर जांच से संबद्ध अन्य अधिकारियों का भी तबादला कर दिया गया और जांच आगे नहीं बढ़ पाई। अब राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री और शाहजहांपुर से आठवीं बार विधायक बने सुरेश खन्ना ने इस केस में खास दिलचस्पी दिखाते हुए कहा है कि दस्तावेज मिलने के बाद ही शहर का विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खोए दस्तावेजों से सरकारी जमीन पर कब्जे की जानकारी मिल सकती है, उन्हें हटाया जा सकता है। खन्ना ने मौजूदा डीएम करण सिंह चौहान को जांच पूरी कर रिपोर्ट तलब की है।