मॉस्को। अलेक्साई नेवलनी को रूस के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चुनौती देने वाले एकमात्र विपक्षी नेता के रूप में देखा जा रहा है। नेवलनी ने मार्च में होने वाले चुनाव में खुद को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की है। पूरे रूस में उनके इस फैसले के समर्थन में लोग जुट रहे हैं।रूस में राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन को चुनौती देंगे नेवलनी चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में रूस के 20 शहरों में 41 वर्षीय वकील नेवलनी के समर्थन में हजारों लोग बैठक कर रहे हैं। वे नेवलनी को आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं। जबकि चुनाव अधिकारी उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य मानते हैं क्योंकि उन्हें आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि केवल चमत्कार ही नेवलनी को प्रत्याशी बनाने में मदद करेगा। लेकिन नेवलनी ने कहा कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना असंभव है। पश्चिम में पढ़े-लिखे नेवलनी ने मौजूदा शासन को लेकर युवा पीढ़ी के गुस्से का साथ दिया। उन्होंने रूस में एक मजबूत विरोध आंदोलन खड़ा किया। कानून के मुताबिक, विधिवत प्रत्याशी बनने के लिए नेवलनी के पास हर शहर में कम से कम 500 लोगों का समर्थन होना जरूरी है। मॉस्को में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में करीब 700 लोगों ने उनका समर्थन किया। इस कार्यक्रम के लिए स्थान नहीं मिलने पर उन्होंने पार्क में बड़ा टेंट लगाकर चुनाव अभियान चलाया। इससे पहले शनिवार को व्लादिवोस्तोक, इरकुत्सक, क्रैस्नोयार्कस्क, नोवोसाइबिरस्क और अन्य शहरों में समर्थकों ने उनकी उम्मीदवारी की पुष्टि की। गौरतलब है कि पुतिन ने चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की इस घोषणा की है। अगर वह चुनाव जीत गए तो तानाशाह जोसेफ स्टालिन के बाद वह सबसे लंबे समय तक पद संभालने वाले रूसी नेता बन जाएंगे।

ऐसे उभरे नेवलनी

संसदीय चुनाव में गड़बड़ी के आरोप को लेकर नेवलनी ने 2011 से 2012 तक पुतिन विरोधी बड़ी रैलियां कीं। इसके बाद इस साल उन्होंने हजारों युवाओं को इकट्ठा कर विरोध प्रदर्शन चलाया। अवैध रूप से पुतिन विरोधी प्रदर्शन को लेकर इस साल तीन बार उन्हें 15 दिनों, 25 दिनों और 20 दिनों की जेल की सजा हुई।