बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर उनसे मुलाकात की. हालांकि, उनकी पार्टी के उन्हें समर्थन दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इन सब चीजों पर आगे भी बातचीत होगी. कोविंद से मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा, कि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद अब राष्ट्रपति पद के घोषित उम्मीदवार हैं. प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उन्होंने बहुत ही बेहतरीन कार्य किया. यह प्रसन्नता की बात है कि वे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 'मेरा भी फर्ज बनता है कि मुख्यमंत्री के रूप से अपने राज्यपाल से मिलें, क्योंकि अब वेराष्ट्रपति के उम्मीदवार और हमारे बिहार के राज्यपाल हैं.' इसलिए मैं अपना सम्मान प्रकट करने के लिए उनसे मिला हूं. जब नीतीश से पूछा गया कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उनका समर्थन है, तो इस पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी कुछ भी कहना मुनासिब नहीं है. उन्होंने कहा कि 'हमारी लालू जी से भी बातचीत हुई है. सोनिया जी का भी फोन आया था. मैंने उन्हें अपनी भावना से अवगत भी कराया है. इन सब चीजों पर आगे भी बातचीत होगी.' रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के पूर्व पटना में सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम हुआ था. इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा था कि यह सब सत्तापक्ष पर निर्भर करता है. सत्तापक्ष को आम सहमति बनानी चाहिए. पहले सत्तापक्ष का राष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम आए तो निर्णय लिया जायेगा. अगर आम सहमति नहीं बनाती है, तो विपक्ष द्वारा उम्मीदवार का चयन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि परसों रात केन्द्रीय मंत्री अरण जेटली का फोन आया था पर बातचीत में नाम का जिक्र नहीं हुआ था. नीतीश ने कहा कि विपक्ष की आपस में बातचीत होती रहती है. उन्होंने कहा कि सीपीएम नेता सीताराम येचुरी का भी फोन आया था. अहमद पटेल जी से भी बात हुई थी. विपक्षी पाटर्यिां 22 जून के आसपास अपना निर्णय लेगी. लालकृष्ण आडवाणी के नाम के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह भारतीय जनता पार्टी के अन्दर की बात है.