बीजिंग। उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ताजा प्रतिबंधों को आर्थिक नाकेबंदी करार दिया है। कहा है कि यह प्रतिबंध एक तरह से युद्ध की घोषणा सरीखा है। इस प्रतिबंध का समर्थन करने वालों को वह दंड देकर सबक सिखाएगा। यह बात उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कही है।आर्थिक नाकेबंदी करने वालों को सबक सिखाएगा उत्तर कोरिया उत्तर कोरिया के ताजा बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के विरोध में सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार सर्वसम्मति से पेट्रोलियम पदार्थो की आपूर्ति को सीमित कर दिया है। साथ ही देश से बाहर काम कर रहे उत्तर कोरियाई नागरिकों की आय को उत्तर कोरिया भेजने पर भी रोक लगा दी है। सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए ताजा प्रतिबंध में उत्तर कोरिया को पेट्रोलियम पदार्थो की आपूर्ति 90 प्रतिशत तक रोक दी गई है। अब एक साल में केवल पांच लाख बैरल पेट्रोल और डीजल ही उत्तर कोरिया को मिलेगा। साथ ही जो उत्तर कोरियाई विदेश में काम कर रहे हैं उनके काम करने की सीमा 24 महीने से घटाकर 12 महीने कर दी गई है। सुरक्षा परिषद ने फैसला किया कि अगर उत्तर कोरिया ने फिर से कोई परमाणु परीक्षण या बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण किया तो उसको मिलने वाले पेट्रोलियम पदार्थो की मात्रा और कम कर दी जाएगी। इन प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका उसकी परमाणु ताकत से भयभीत है। वह यह नहीं समझ रहा कि प्रतिबंध से परेशान करने वाले कृत्यों से वह उत्तर कोरिया को और ज्यादा क्रोधित कर रहा है। ताजा प्रतिबंध उत्तर कोरिया की आर्थिक नाकेबंदी जैसा है जिससे उसकी अंदरूनी गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ेगा। यह अमेरिका और उसके सहयोगियों की तरफ से उत्तर कोरिया की संप्रभुता नुकसान पहुंचाने का गंभीर प्रयास है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप के हालात और बिगड़ेंगे और वह युद्ध के और करीब पहुंच जाएगा। इस युद्ध से होने वाले नुकसान अमेरिका और उसके सहयोगियों को अंदाजा नहीं है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी वर्कर्स पार्टी के नेताओं के साथ बैठक में कहा है कि देश के परमाणु बल ने अपनी सर्वोच्च ताकत प्राप्त कर ली है। अब उसे नई चुनौतियों का सामना करना है।