दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र में बंद दूसरे दिन भी जारी है. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. चाय बागान के मजदूरों ने भी बंद के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी है. मोर्चा ने दार्जिलिंग हिल्स एरिया में बांग्ला को स्कूलों में अनिवार्य करने के विरोध में बेमियादी बंद की घोषणा की हुई है. गिरफ्तार होने वालों में मोर्चा के नेता सतीश पोखरेल शामिल हैं, जिन पर हिंसा फैलाने का आरोप है. वह गोरखा क्षेत्र प्रशासन (जीटीए) के सदस्य भी हैं. उत्तरी बंगाल के चाय बागानों के मजदूरों ने बंद के समर्थन में न्यूनतम वेतन के लिए हड़ताल शुरू कर दी है. हाल ही में हिल्स एरिया के चार जिलों के चाय मजदूरों ने बैठक कर हड़ताल की घोषणा की. सेना और पुलिस सड़कों पर बंद के दूसरे दिन मंगलवार को दार्जिलिंग में दुकानें बंद हैं. सड़कें सूनी पड़ी हैं. सैलानी नजर नहीं आ रहे. सड़कों पर सैनिकों की टुकड़ी नजर आ रही है जबकि पुलिस के वाहन लगातार गश्त लगा रहे हैं. गोरखा मोर्चा बंद को असरदार बनाने के लिए सबकुछ करने की कोशिश कर रहा है. कई जगहों पर हिंसा और तोड़फोड़ की कोशिश की गई लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी. हालांकि सरकार ने तोड़फोड़ करने वालों से सख्ती से निपटने की चेतावनी दी है. कई जगह खुले भी हैं ऑफिस और बैंक पहाड़ी क्षेत्रों में सभी जगह बंद का असर हो, ऐसा नहीं लगता. कई जगह कार्यालय और बैंक खुले हुए हैं. लोग काम कर रहे हैं. दुकानें भी खुली हैं, जहां से खरीददारी हो रही है. बैंकों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा का खास ख्याल रखा गया है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है. हालांकि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग का कहना है कि उनका आंदोलन हिंसक रूप भी ले सकता है. इस बंद ने 80 के दशक के गोरखा आंदोलन की याद दिला दी है, जो सुभाष घीसिंग की अगुवाई में यहां चला था.