बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ गोविंद को एनडीए का उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया. बिहार के राज्यपाल कोविंद का नाम जहां सभी के लिए चौंकाने वाला था, वहीं इसे लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. एक ओर जहां एनडीए के घटक दलों के साथ जेडीयू ने उनके नाम पर समर्थन जताया, वहीं कांग्रेस और लेफ्ट जैसी दूसरी विपक्षियां इस विचार-विमर्श के बाद ही टिप्पणी करने की बात कह रहे हैं. बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद रामनाथ कोविंद के नाम का ऐलान करते हुए अमित शाह ने बताया कि नाम तय करने से पहले हमने एनडीए के घटक दलों के अलावा देश की सभी पार्टियों से चर्चा की. उन्होंने कहा, 'पीएम ने स्वयं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से बात की. सोनिया गांधी ने कहा कि हम बातचीत करके आगे के फैसले के बारे में बताएंगे.' वहीं एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान ने राष्ट्रपति पद के लिए कोविंद के नाम पर विरोध करने वालों को दलित विरोधी करार दिया है. पासवान ने कहा, 'जब घोषणा हुई तो चौकना स्वाभाविक था, क्योंकि कोई भी नया नाम आता है, तो ऐसा होता है. हमारी पार्टी रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देती है.'  इसके साथ ही उन्होंने कहा, रामनाथ कोविंद बहुत ही योग्य व्यक्ति हैं. वह इस पद के लिए पूरी तरह से सही हैं. वह पिछड़ी जाति से आते हैं और हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील भी रह चुके हैं. दलित विरोधी लोग ही उनका विरोध करेंगे.' वहीं जेडीयू नेता ने कहा कि देश का राष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुना जाना चाहिए. चूंकि रामनाथ जी बिहार के राज्यपाल हैं, इसलिए बिहार के लोगों का उनके साथ भावनात्मक लगाव है, लेकिन पार्टी उनकी उम्मीदवारी पर अपना पक्ष विचार-विमर्श के बाद रखेगी. जेडीयू के प्रवक्ता पवन वर्मा ने कहा कि विपक्ष बीजेपी के नाम पर ध्यान देंगे. साथ ही अगले कदम पर विचार करेंगे. कांग्रेस ने कहा कि वह रामनाथ को समर्थन देने अथवा न देने के मुद्दे पर अऩ्य विपक्षी पार्टियों के साथ विचार विमर्श कर फैसला लेगी. विपक्षी नेता 22 जून को इस मसले पर विचार-विमर्श को इकट्ठा होंगे. गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'अधिकारिक तौर पर मैं कोई बयान नहीं दूंगा, क्योंकि शुरुआत से कांग्रेस सभी विपक्षी दलों के नेता साथ खड़ी रहेगी. सभी नॉन एनडीए पार्टी मिलकर फैलसा लेंगी. वहीं टीडीपी ने बीजेपी की पंसद के रूप में राजनाथ कोविंद का स्वागत करते हैं.' रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'रामनाथ गोविंद एक योग्य व्यक्ति हैं. वो संविधान के जानकार हैं वो देश की राजनेतिक परिस्थियो के जानकार हैं.' उन्होंने कहा कि मुझे लगता हैं कि वो इस पद के सबसे योग्य व्यक्ति हैं, हां ये अलग बात हैं की वो दलित हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता हैं कि उनके पर सहमति बननी चाहिए'.