मॉस्को: अमेरिका और रूस की खींचतान आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कहा है कि अमेरिका और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन(नाटो) की आक्रामक योजना से लड़ने के लिए रूस के पास सशक्त सैन्य बल होना चाहिए। नई पीढ़ी और तकनीक युक्त सेना बनाने में रूस को दुनिया में सबसे आगे रहना होगा।पुतिन ने कहा अमेरिकी आक्रामकता से लड़ने को सशक्त सेना की जरूरत पुतिन शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अमेरिकी सरकार की नई सुरक्षा नीति को आक्रामक बताते हुए रूस की सेना को इससे निपटने के लिए व्यावहारिक तरीके से काम करने पर जोर दिया। पुतिन ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता देश की संप्रभुता, शांति, नागरिकों की सुरक्षा और देश के विकास के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की है। रूस परमाणु बल में सशक्त और आत्मनिर्भर है लेकिन इसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है। 2021 तक हमारी 90 फीसद परमाणु सैन्य शक्ति नए मिसाइल सिस्टम से लैस हो जानी चाहिए।’ मालूम हो कि रूस 2018 में देश के जीडीपी का 2.8 प्रतिशत यानी 46 अरब डॉलर (29,449 अरब रुपये) रक्षा के लिए खर्च करेगा। 2017 में रूस का रक्षा बजट 52 अरब डॉलर (33,290 अरब रुपये) था।