- डोलन चटर्जी दार्जिलिंग हिल्स एरिया में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के तीन कार्यकर्ताओं का अंतिम संस्कार आज होने की उम्मीद है. लेकिन इससे पहले उनके शवों को लेकर मोर्चा फिर रैली निकालेगा. इस दौरान माहौल उग्र होने की आशंका भी जाहिर की जा रही है. मंगलवार को मोर्चा ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. मोर्चा बंद का आज आठवां दिन है. बिजनबारी प्रदर्शन के दौरान मारे गए मोर्चा कार्यकर्ताओं का सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे पहले जीजेएम ने शवों के साथ बड़ी रैली की योजना बनाई हुई है. जिसे लेकर प्रशासन खासा सतर्क है.आशंका है कि अंतिम संस्कार से पहले मोर्चा कार्यकर्ता फिर माहौल गरम कर सकते हैं. कोशिश की जा रही है कि किसी भी तरह की कोई अप्रिय वारदात नहीं हो. रैली में जमकर लगे प्रशासन विरोधी नारे सोमवार को भी कई जगहों पर धरना प्रदर्शन जारी रहा. बंद के सातवें दिन स्थिति तनावपूर्ण रही. इंडो-भूटान गेट स्थितियों के मद्देनजर बंद कर दिया गया. रविवार को मोर्चा ने मारे गए समर्थकों के शव के साथ रैली निकाली. हजारों समर्थक इसमें शामिल हुए. पुलिस-सेना ने इसमें कोई दखंलदाजी नहीं की. ये कार्यकर्ता पुलिस फायरिंग में शनिवार को मारे गए थे. जब रैली निकली तो प्रशासन को हालात बिगड़ने की आशंका थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. पहली बार ऐसा हुआ जबकि प्रशासन ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के किसी प्रोग्राम पर कोई रोक नहीं लगाई. रैली के दौरान लगातार प्रशासन विरोधी नारे लगते रहे. इसके बावजूद पुलिस और सेना के लोग आमतौर पर शांत रहे. हिल्स एरिया में कई जगह आगजनी मोटे तौर पर सोमवार को दार्जिलिंग जरूर शांत लग रहा है. लेकिन अंदर ही अंदर जबरदस्त तनाव है. कार्सिंयांग, कलिम्पोंग और दूर्स में आगजनी की कई घटनाएं हुईं. कलिम्पोंग में सरकारी लाइब्रेरी पर पेट्रोल बम फेंका गया. एरिया के एक गांव ग्रामबाथन में आग लगा दी गई. पेडोन कैंप के सामने मोर्चा समर्थकों ने पुलिस जीप को आग के हवाले कर दिया. वहीं कुर्सियांग में भी पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी गई.