केरल के कासरागोड नगरपालिका के तिरुत्ति वार्ड की एक गली का नाम 'गाजा स्ट्रीट' रखा गया. इस खबर से सुरक्षा एजेंसियां के कड़े खड़े हो गए और वे इस पर नजर रखे हुए है. दरअसल इजरायल और फिलिस्तीन के बीच गाजा पट्टी नाम की जगह को लेकर विवाद है. सुरक्षा एजेंसियां इस नाम के पीछे कट्टरपंथी प्रभाव को जिम्मेदार मान रही है. राज्य के 21 यूवक पिछले साल से लापता हैं, ये सभी ऐसे ही कट्टरपंथी तत्वों के प्रभाव में बताए जाते थे. तिरुत्ति की जामा मस्जिद के पास स्थित इस सड़क का नाम पिछले महीने ही 'गाजा' रखा गया था. इसका उद्घाटन कासरगोड जिला पंचायत अध्यक्ष एजीसी बशीर ने किया. हालांकि बशीर का कहना है कि उन्हें सड़क का उद्घाटन करने के लिए आखिरी मिनट बुलाया गया था. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें इस विवाद के बारे में कुछ नहीं पता था.नगरपालिका के अधिकारी सड़क का नाम 'गाजा' रखने को लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं. उनका दावा है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. नगरपालिका परिषद में प्रस्ताव नहीं हुआ पारित उन्होंने कहा कि आमतौर पर जब एक सड़क का नाम बदला जाता है तो नगरपालिका परिषद में प्रस्ताव पारित होने के बाद किया जाता है. इस सड़क का प्रस्ताव अब तक इस प्रक्रिया के माध्यम से नहीं गुजरा है. खुफिया एजेंसियां हुई चौकन्नी कासरगोड नगरपालिका के विपक्षी नेता पी रमेश ने कहा कि जब यह नगरपालिका परिषद में पेश किया जाएगा, तो इसका विरोध किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियां ​​इस क्षेत्र के विकास पर नजर रख रही हैं. ऐसा माना जा रहा है कि सभी आतंकी संगठन IS में शामिल होने के लिए देश छोड़कर चले गए थे. उनमें से ज्यादातर युवक कासरागोड से ताल्लुक रखते हैं. र्वतमान स्थिति के बाद एजेंसियां और चौकन्नी हो गई हैं.