पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव और उनके परिवार के लिए सही में आज ‘बड़ा दिन’ है। जानकारी के मुताबिक सोमवार (25 दिसंबर) को जाधव से उनकी पत्नी और मां ने इस्लामाबाद विदेश मंत्रालय में मुलाकात की है। इस दौरान उनके बीच लगभग 30 मिनट तक बातचीत हुई। लेकिन इस मुलाकात के बाद भी मां बेटे के बीच कुछ अधूरा रह गया।< देखें क्या हुआ जब बेटे को सामने पाकर भी छूने को तरस गई मांवो था मां बेटे के आमने सामने होने के बाद भी एक दूसरे से न मिल पाना, न मां अपने बेटे को छू सकती थी और न बेटा मां को गले लगा सकता था। दरअसल, लंबे इंतजार के बाद बंद कमरे में शीशे के आर-पार से कुलभूषण जाधव और उनके परिवार की मुलाकात संभव हो सकी। हालांकि इस दौरान मां और पत्नी शीशे के इस तरफ थे और कुलभूषण दूसरी तरफ थे। उनके बीच बात करने के लिए टेलीफोन था। मुलाकात के दौरान कुलभूषण और उनके परिवार के बीच शीशे की दीवार थी। पाक मीडिया के मुताबिक कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद नहीं दी जा रही है। देखें क्या हुआ जब बेटे को सामने पाकर भी छूने को तरस गई मांवहीं इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा के जबर्दस्त प्रबंध किए गए थे। पाकिस्तानी रेंजर्स और एंटी टेररिस्ट स्कवायड, शॉर्प शूटर्स की तैनाती की गई है। संबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार के वाहन को घुसने की अनुमति नहीं दी गई है। इस मुलाकात के दौरान भारतीय राजनयिक जेपी सिंह भी मौजूद थे. देखें क्या हुआ जब बेटे को सामने पाकर भी छूने को तरस गई मांबता दें कि पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने शनिवार की रात को ट्वीट कर कहा था कि भारत ने हमें बताया है कि कमांडर जाधव की मां और पत्नी 25 दिसंबर को एक वाणिज्यिक उड़ान से यहां पहुंचेंगे और उसी दिन लौट जाएंगे। इस मुलाकात के दौरान इस्लामाबाद में भारतीय उप उच्चायुक्त जेपी सिंह भी जाधव की पत्नी और मां के साथ मौजूद रहे।