स्नैपडील के सीईओ कुणाल बहल के लिए यह आर-पार की लड़ाई है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस की रोजाना की शिपमेंट हाल के हफ्तों में घटकर 60,000-80,000 यूनिट्स रह गई है। उसकी ग्रॉस सेल्स भी 2015 के 3.5-4 अरब डॉलर के पीक के मुकाबले काफी कम हो गई है। इसकी खबर रखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी है। कंपनी को और फंड जुटाने में भी दिक्कत हो रही है और उसके कई सीनियर ऐग्जिक्यूटिव्स नौकरी छोड़कर जा चुके हैं।
स्नैपडील को दो साल में देश की पहली प्रॉफिटेबल ई-कॉमर्स कंपनीबनने के लिए लंबी छलांग लगानी पड़ेगी। बहल ने बुधवार को एंप्लॉयीज को भेजी गई ईमेल में यह लक्ष्य का जिक्र किया था। इसके साथ कंपनी ने छंटनी की भी घोषणा की थी। हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि कितने लोगों को निकाला जा रहा है। स्नैपडील के फाउंडर्स बहल और रोहित बंसल ने सैलरी नहीं लेने का भी वादा किया है। उनके साथ कंपनी के कुछ टॉप ऐग्जिक्यूटिव्स ने भी सैलरी में बड़ी कटौती का ऑफर दिया था, जिसे मान लिया गया है।
फाउंडर्स ने अपनी गलतियां भी मानी हैं। बहल ने मेल में लिखा, 'हमने सही इकनॉमिक मॉडल तैयार करने से काफी पहले बिजनस बढ़ाना शुरू कर दिया था। जब आपके पास काफी पैसा हो और आप बड़े सपने रखते हों तो इससे कई बार कंपनी का असल चीज से ध्यान हट जाता है। हमारे साथ ऐसा ही हुआ। हम कई चीजें करने की कोशिश कर रहे थे और हम गलतियों के लिए (इसकी शुरुआत मुझसे हुई और रोहित) एक-दूसरे को कसूरवार ठहराने लगे।