साउथ अफ्रीका की मीडिया में इस वक्त सहारनपुर के तीन गुप्ता भाई सुर्खियां बने हुए हैं. गुप्तालीक्स में हुए खुलासे से तीन गुप्ता भाई पर साउथ अफ्रीका की सरकार चलाने का आरोप है. मीडिया ने इस संबंध में गुप्ता भाई और साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुम़ा के करीब 650 ईमेल सार्वजनिक किए हैं. विकिलीक्स की तर्ज पर वहां की मीडिया ने इस खुलासे को गुप्तालीक्स नाम दिया है. सभी ईमेल गुप्ता भाई और राष्ट्रपति जैकब जुम़ा और उनके बेटे दुदुजेन से जुड़े हुए हैं. साउथ अफ्रीका में चर्चित ऐसी खबरों की मानें तो तीन गुप्ता भाई राजेश, अतुल और अजय गुप्ता सरकारी ठेकों में फायदा पहुंचाया जा रहा था. सार्वजनिक उपक्रम वाली कंपनियों की खुफिया जानकारी गुप्ता भाइयों को दी जाती थी. लोकोमोटिव खरीद सौदे हासिल करने के लिए सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय में ब्रायन मेलेफे और इकबाल शर्मा की नियुक्ति करवाने का आरोप भी गुप्ता भाई और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के पूर्व मंत्री रहे मालुसी गिगाबा पर आरोप लगे हैं. गुप्ता भाई साउथ अफ्रीका में खनन के बादशाह कहे जाते हैं. खनन मंत्री मोसेबेंजी जवाना के साथ भी उनके घनिष्ठ संबंधों को लेकर बड़े आरोप लगे हैं. वहीं राजस्व सेवा में भी गुप्ता भाइयों की धमक थी. साउथ अफ्रीका के सार्वजनिक संरक्षक बसिसिवे मीखवेन सारे मामलों की जांच कर रहे हैं. इस सारे खुलासे के दौरान साउथ अफ्रीका की सार्वजनिक उद्यम की बड़ी कंपनी ट्रांसनेट भी आरोपों के घेरे में है. साउथ अफ्रीका की मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति जूम़ा और उनके बेटे पर आरोप लगा है कि यूएई में 500 मिलियन डाॅलर का एक घर खरीदा है. साथ ही यूएई की नागरिकता के लिए आवेदन भी किया है. जबकि राष्ट्रपति ने इस तरह की खबरों का खंडन किया है. जानकारों की मानें तो राजेश, अतुल और अजय गुप्ता 1993 में सहारनपुर से साउथ अफ्रीका गए थे. उस दौरान वह वहां एक छोटे-मोटे व्यापारी हुआ करते थे. लेकिन धीरे-धीरे उनके राजनीतिक रसूख बढ़ते गए. संबंध ऐसे बढ़े कि राष्ट्रपति से घनिष्ठता भी हो गई. इसी का फायदा उठाते हुए गुप्ता भाइयों ने खनन, रिएल स्टेट सहित दूसरे बड़े कामों में दखल देना शुरु कर दिया. इसका नतीजा ये निकला कि गुप्ता भाइयों को गुप्त रूप से बिना रोक-टोक बड़े-बड़े ठेके दिए जाने लगे. बताया जा रहा है कि अभी भी गुप्ता भाई के कई नजदीकी रिश्तेदार अभी भी सहारनपुर में ही रह रहे हैं.