कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि नारदा स्टिंग कांड की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने में उसे आपत्ति क्यों है? गुरुवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश निशीथा म्हात्रे की खंडपीठ ने कहा कि नारदा के सीईओ मैथ्यू सैमुअल यदि बुरे व्यक्ति भी हैं तो भी उनसे रुपए लेना सही नहीं माना जा सकता। सरकारी अधिवक्ता के तौर पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि अपराध हुआ या नहीं? इसकी जांच हो सकती है, पर सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच करना चाहती है, पर आरोप मंत्री और नौकरशाहों पर है। इसलिए निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए।