पशु बिक्री अधिसूचना पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. इस मामले में 11 जुलाई को अगली सुनवाई है. कोर्ट ने नोटिफिकेशन पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि केंद्र का जब तक कोई जवाब नहीं आ जाता, वह इस पर कोई आदेश नहीं देगा. बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पशुओं को क्रूरता से बचाने के लिए 26 मई को नियमों में संशोधन किया था, जिसमें पशु बाजारों में कत्ल के लिए जानवरों की खरीद-फरोख्त पर रोक सुनिश्चित की गई. कत्ल करने के लिए जिन जानवरों की बाजारों में खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती, उनमें गाय, सांड, भैंस, बछिया, बछड़ा और ऊंट शामिल हैं.संशोधन की अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद ही मंत्रालय ने कहा कि कत्ल करने के उद्देश्य से जानवरों को किसानों के फॉर्म से सीधी खरीदारी की जा सकती है. पशु क्रूरता रोकथाम (मवेशी बाजार का विनियमन) नियम-2017 की अधिसूचना जारी करने के बाद मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य पशु बाजार को विनियमित करना और पशुओं को क्रूरता से बचाना है.