गोवा की एक अदालत ने बलात्कार के आरोपी पत्रकार तरुण तेजपाल के मुकदमे की सुनवाई कवर करने से शुक्रवार को मीडिया को रोक दिया. ये जानकारी बचाव पक्ष के एक वकील ने दी. जमानत पर चल रहे तेजपाल शुक्रवार को मापूसा की अदालत आए थे. अदालत उनके खिलाफ आरोप तय करने से पहले की बहस की सुनवाई कर रहा है. तहलका मैगजीन में काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने 2013 में तेजपाल पर एक कार्यक्रम के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. तेजपाल उस वक्त तहलका के प्रमुख संपादक थे. तेजपाल के वकीलों ने सीआरपीसी की धारा 327(3) के तहत अर्ज़ी दायर कर मांग की थी कि मीडिया को उनके मुविक्कल के मुकदमे की सुनवाई को कवर करने से रोका जाए. जज विजया पोल ने ये अर्जी मंजूर कर ली. नतीजतन, सभी पत्रकारों से कहा गया कि वो अदालत कक्ष से बाहर चले जाएं. तेजपाल की बचाव टीम के वकील राजू गोम्स ने बताया कि मीडिया को अब से इस मामले की कार्यवाही कवर करने की इजाज़त नहीं होगी. तेजपाल के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर बहस शनिवार को भी जारी रहेगी. गोवा की अपराध शाखा ने इस मामले में 2014 में आरोप-पत्र दायर किया था. बहुचचर्ति पत्रकार तेजपाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 354-ए यौन उत्पीड़नी, 341 और 342 गलत तरीके से रोक कर रखने और 376 बलात्कार सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज़ किया गया है.