इंदौर। श्रीलंका पर 88 रन से भारत की शानदार विजय के साथ ही शुक्रवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हर फॉर्मेट में मेजबान टीम के अजेय रहने का नया रिकॉर्ड कायम हुआ. भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया मुकाबला मध्य प्रदेश के क्रिकेट इतिहास का पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच था. इसमें मेजबान टीम ने धमाकेदार प्रदर्शन के बूते जीत हासिल की.टीम इंडिया का कमाल, होलकर स्टेडियम में हर फॉर्मेट में अजेय रहने का बनाया रिकॉर्ड इसके साथ ही, तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से निर्णायक बढ़त हासिल की. मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ का करीब 27,300 दर्शकों की क्षमता वाला होलकर स्टेडियम भारतीय टीम के लिए बेहद भाग्यशाली रहा है. मेजबान टीम ने इस मैदान पर अब तक आयोजित सभी पांच एक दिवसीय मैचों और एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भी जीत हासिल की है.  बीस बरस के लम्बे अंतराल के बाद इंदौर पहुंची श्रीलंका टीम शुक्रवार को होलकर स्टेडियम पर पहली बार उतरी थी. यह टीम पिछली बार वर्ष 1997 में भारत के खिलाफ एक दिवसीय मैच खेलने मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी पहुंची थी. हालांकि, तब होलकर स्टेडियम नहीं बना था और क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नेहरू स्टेडियम में आयोजित किए जाते थे. अर्जुन रणतुंगा की कप्तानी वाली टीम की बल्लेबाजी से 25 दिसंबर 1997 को नेहरू स्टेडियम में मैच की शुरूआत हुई थी. मेहमान टीम ने तीन ओवर के बाद ही नेहरू स्टेडियम की पिच को खराब बताते हुए इस पर खेलने से इंकार कर दिया था. इसके बाद रणतुंगा ने तत्कालीन भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर से पिच को लेकर चर्चा की थी. दोनों कप्तानों की सहमति से मैच रद्द कर दिया गया था.