लेक्सिंग्टन। व्हील चेयर की मदद से आने-जाने को मजबूर कोई अपाहिज आदमी निश्चित ही आपकी सहानुभूति का पात्र बन सकता है। उस पर यदि वह पागल हो तो आप उसके प्रति दया के भाव से भी भर जाएंगे।

लेकिन यदि पता चले कि वो पागल नहीं बल्कि बेहद शातिर है तो आपको कैसा लगेगा? आप सदमे में आ सकते हैं।

-इसी तरह की अनुभूति से इस वक्त लेक्सिंग्टन के अनगिनत लोग दो-चार हो रहे हैं।  यहां की सड़कों पर व्हील चेयर पर बैठे गैरी थॉम्पसन को देखा जा सकता है। वह लोगोें से भीख मांगता रहता है।

-तीस साल का यह शख्स अपने हाव-भाव और बातचीत से यह जताने में सफल रहता है कि वह दिमागी तौर पर बेहद कमजोर भी है।

-ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो इस आदमी को आए दिन पैसे देकर उसकी मदद करते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए बुधवार को टीवी पर इस आदमी को देखना किसी आघात से कम नहीं रहा होगा।

-चैनल पर बात करता गैरी एकदम सामान्य नजर आ रहा था। उसने कहा ‘यह सच है कि मेरे दोनों पांव खराब हैं, लेकिन यह भी सच है कि मेरा दिमाग पूरी तरह ठीक और ठिकाने पर है। ’

-उसने स्वीकारा कि अधिक से अधिक भीख मिलने की लालच में वह पागल होने का स्वांग भर रचता है।

-इसके चलते हर साल वो साठ हजार से एक लाख डॉलर तक की कमाई कर ले रहा है।

-गैरी ने बताया कि वह मूलत: टैक्सास का रहने वाला है। बीस साल पहले एक एक्सीडेंट में उसकी दोनों टांगें खराब हो गई थीं।

-उसकी मां ने अदालत में मुकदमा दायर किया। उनके बेटे को ढाई मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्ति राशि मिली थी।

-इसके कुछ समय बाद गैरी लेक्सिंग्टन चला आया। यहां उसने पागल होने का स्वांग रचकर कमाई शुरू कर दी।

-यहां हम बता दें कि दो साल पहले पुलिस ने गैरी को ऐसी ही हरकतों के लिए गिरफ्तार किया था,

-लेकिन उसने तय कर रखा है कि वह किसी भी सूरत में इस शहर और अपने ‘व्यवसाय’ को नहीं छोड़ेगा।