विवादित फिल्म पद्मावती की रिलीज को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंंत्रालय ने अब सीबीएफसी को जल्द से जल्द इतिहासकारों का एक पैनल बनाकर पद्मावती दिखाने का आदेश दिया है। फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने राजस्थान की राजधानी जयपुर के दो इतिहासकारों को फिल्म देखने का न्यौता दिया है। जोशी ने एक फोन करके दोनों इतिहासकारों से फिल्म को देखने के बाद अपना उनकी राय भी मांगी है।  दो इतिहासकारों को मिला ‘पद्मावती’ देखने का न्यौता, प्रसून जोशी ने किया कॉल जानकारी के अनुसार जयपुर के दो इतिहासकार प्रोफेसर बीएल गुप्ता और प्रोफेसर आरएस खंगारोत को सीबीएफसी की तरफ से  ये न्यौता दिया गया है। एक मीडिया से कहा को दोनों प्रोफेसर्स ने बताया कि उन्हें सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसून जोशी ने कॉल किया था जिसके बाद उपल्ब्ध होने पर इस फिल्म को देखने की हामी भरी है।  प्रोफेसर बीएल गुप्ता राजस्थान विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाते हैं  जिन्होनें मध्यकालीन भारत के इतिहास पर कई किताबें भी लिखी हैं जबकि प्रोफेसर आरएस खंगारोत अग्रवाल कॉलेज के प्रिंसिपल है।  प्रोफेसर खंगारोत ने समाचार पत्र से कहा कि ये पूरा विवाद भंसाली और करनी सेना या राजपूतों का नहीं है बल्कि ये विवाद भंसाली ​की फिल्म और इतिहास के बीच का है जिसमें फिल्म को देखने के बाद ही पता चल पाएगा कि इतिहास से वाकई छेड़छाड़ की गई है या नहीं।