पाकिस्तान में चल रही आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए भी पाक सरकार इसे लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवाद को लेकर अन्य देशों को भी नुकसान हो सकता है। इसी को नजर में रखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान को सहायता देने से मना कर दिया है। जानकारी के अनुसार पाक सरकार की ओर से पाकिस्तान ने खतरनाक आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कोई पर्याप्त कदम नहीं उठाने को लेकर अमेरिका ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सीएसएफ की 35 करोड़ डॉलर की राशि देने से मना कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से उठाए गए कदम को रक्षा मंत्री से मंजूरी की आवश्यकता होती है। पेंटागन ने पाकिस्तान की तरफ से हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ उठाए गए कदम की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस की ओर से ऐसा करना अनिवार्य है। अमेरिका हक्कानी नेटवर्क को अफगानिस्तान में अपने लिए गंभीर खतरा मानता है। सूत्रों की माने तो शुरूआती समीक्षा और पाक की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की तरफ से मंजूर सीएसएफ के 90 करोड़ डॉलर में से 35 करोड़ डॉलर की राशि मिलने की संभावना नहीं है। इस साल जून महीने के अंत तक रक्षा मंत्री जिम मैटिस को कांग्रेस को एक सर्टिफिकेट जारी करना है। इसके बाद ही पेंटागन की तरफ से 35 करोड़ डॉलर मिल सकेंगे। पेंटागन ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा है है कि रक्षा मंत्री ने हक्कानी सर्टिफिकेशन रिक्वायरमेंट के संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। यह पाकिस्तान के लिए 35 करोड़ डॉलर सीएसएफ वित्त वर्ष 2016 से संबंधित है। हक्कानी नेटवर्क ने अफगानिस्तान में अमेरिकी हितों के खिलाफ कई अपहरण और हमले किए हैं। इस समूह ने भारतीय के खिलाफ भी कई घातक हमले किए हैं।