चुनाव आयोग के द्वारा राष्ट्रपति चुनावों का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद से ही इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है. एक तरफ जहां एनडीए और यूपीए अपना उम्मीदवार चुनने में माथापच्ची कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर 6 लोगों ने राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश कर दी है.

इन 6 लोगों में मुंबई के पटेल दंपति सायरा बानो, मोहम्मद पटेल और मोहम्मद पटेल, अब्दुल हामिद सहित छह लोगों ने बुधवार को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन अपना पर्चा दाखिल किया. इनके अलावा तमिलनाडु के के. पद्मराजन, मध्य प्रदेश के आनंद सिंह कुशवाहा, तेलंगाना के ए. बाला राज और पुणे के कोंडेकर विजयप्रकाश ने भी अपना नामांकन-पत्र दाखिल किया.

नामांकन रद्द होना तय हालांकि, इन सभी का नामांकन रद्द होना तय है क्योंकि इनमें से किसी ने भी निर्वाचक मंडल में से 50 प्रस्तावकों और प्रस्ताव के इतने ही समर्थकों के दस्तखत की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं की है, लोकसभा, राज्यसभा और राज्यों की विधानसभों के निर्वाचित सदस्य राष्टपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में शामिल होते हैं.

निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, पटेल दंपति ने निर्वाचन अधिकारी को बताया कि यदि उनमें से कोई एक राष्ट्रपति बन जाए और दूसरा उप-राष्ट्रपति बन जाए तो यह अच्छा रहेगा.

वहीं दूसरी ओर, एनडीए और यूपीए भी अपने उम्मीदवारों का नाम घोषित करने के लिए लगभग तैयार हैं. विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बैठकें कर रहा है, तो वहीं बीजेपी की ओर से भी इसके लिए कमेटी बनाई गई है. बीजेपी की यह कमेटी जल्द ही विपक्ष के नेताओं से मिलकर इस पर बात करेगी. एनडीए 23 जून को अपने उम्मीदवार का ऐलान कर सकता है.